कुशीनगर में पत्नी के प्रसव का बिल चुकाने को बेचना पड़ा बच्चा

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बरवा पट्टी (कुशीनगर)

बरवाप‌ट्टी थाना क्षेत्र के दशहवा में निजी अस्पताल में भर्ती महिला और नवजात बच्चे को डिस्चार्ज कराने के लिए एक व्यक्ति द्वारा अपने एक बेटे को बीस हजार रुपये में बेचे जाने की खबर से सनसनी फैल गई। डीएम ने एसपी को जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। इस घटना से सम्बंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस मामले में एक सिपाही पर भी रुपये लने का आरोप लगा है।



बरवाप‌ट्टी थाना क्षेत्र निवासिनी एक महिला गर्भवती थी। उसे पहले से चार पुत्र और एक पुत्री है। महिला का पति बेहद गरीब है। मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो उसके पति ने गांव के ही एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया।प्रस्व का खर्च 20 हजार आया तो धन के आभाव में अस्पताल प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने पैसे के लिए दबाव बनाया,ऐसे में लाचार पिता ने अपने एक पुत्र को ही उस व्यक्ति को सौंप दिया।



इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर इस अपराध में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए लोगों में बिचौलिया अमरेश, बच्चे को खरीदने वाला दंपति भोला  और उसकी पत्नी कलावती एक फर्जी डॉक्टर तारा कुशवाह और अस्पताल की सहायिका सुगांती शामिल हैं.

डीएम ने एसपी को जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। इस घटना से सम्बंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  इस मामले में एक सिपाही पर भी रुपये लने का आरोप लगा है।

3 साल के बेटे को 10000 में बेचा

 

कुशीनगर के बरवा पट्टी का निवासी हरीश पटेल नामक व्यक्ति अपनी पत्नी के प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल गया था. यह दंपति का छठा बच्चा था. प्रसव के बाद अस्पताल ने भारी बिल का भुगतान करने को कहा, जिसे चुकाने में हरीश असमर्थ था. जब उसने बिल चुकाने के लिए धनराशि का इंतजाम नहीं किया, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने उसकी पत्नी और नवजात को जाने से रोक दिया. इसी हताशा में हरीश ने अपने तीन साल के बेटे को कुछ हजार रुपये में एक दंपति को बेचने के लिए मजबूर हो गया. 

 

 

 

 

इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर इस अपराध में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए लोगों में बिचौलिया अमरेश यादव, बच्चे को खरीदने वाला दंपति भोला यादव और उसकी पत्नी कलावती यादव, एक फर्जी डॉक्टर तारा कुशवाह और अस्पताल की सहायिका सुगांती शामिल हैं. 

एसपी ने कही ये बात

इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही एक कॉन्स्टेबल को भी ड्यूटी से हटा दिया गया है, जिस पर रिश्वत लेने का आरोप था. यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत को उजागर करती है बल्कि गरीब और बेसहारा लोगों के लिए सुरक्षा और सहायता की कमी को भी सामने लाती है. सरकारी संस्थानों की निगरानी और अस्पतालों में उचित व्यवस्था की मांग को लेकर समाज में आक्रोश व्याप्त है. 

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