आनलाइन गेम में लाखों हारा, रिश्तेदारों से बचने को पुलिस पर मढ़ा लूट का आरोप
लखनऊ। सिविल लाइन बांदा के रहने वाले अरविंद गौतम ने उद्यमियों, खिलाड़ियों और दूसरे सेलिब्रिटी को एविएटर गेम का प्रचार करते देखा तो घर बैठे लाखों- करोड़ों कमाने के सपने देखने लगा। आनलाइन गेम की ऐसी लत लगी कि रिश्तेदारों से भी कर्ज लेकर 18 लाख रुपये हार गया।
रिश्तेदारों ने पैसा वापस करने का दवाव बनाया तो अरविंद ने सरोजनीनगर और कृष्णानगर पुलिस पर लूट का आरोप मढ़ दिया दिया। जांच के बाद पुलिस ने अरविंद की साजिश का खुलासा करते हुए उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अरविंद ने पुलिस पर आरोप लगाया कि 20 अगस्त को वह कार से पीजीआइ जा रहा था। रात पौने दस बजे के करीब ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे उसे दारोगा अमित सिंह और दो सिपाही ने चेकिंग के नाम पर गाड़ी रोकी। दारोगा ने डिग्गी से बैग निकाल लिया जिसमें साढ़े पांच लाख रुपये रखे थे। अरविंद का आरोप है कि कृष्णानगर थाने में पैसा जमा करने की बात कहते हुए दारोगा बैग लेकर चले गए। अरविंद ने बताया कि दोनों सिपाही उनको भी लेकर कृष्णानगर थाने आ गए। इसके बाद सिपाही भी चले गए। काफी देर इंतजार के बाद भी जब कोई नहीं लौटा तो उन्होंने पुलिस कर्मियों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट लिखाने के लिए तहरीर देनी चाही लेकिन पुलिस ने भगा दिया गया।
इसके बाद वह घर चले गए। 26 अगस्त को फिर लखनऊ आए और सरोजनीनगर थाने पहुंचकर दारोगा अमित और दो सिपाहियों के खिलाफ लूट की तहरीर दी। इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने बताया कि मामला गंभीर था इसलिए जांच शुरू की गई। घटना के दिन अरविंद की लोकेशन बांदा में मिली। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए सवाल शुरू किए तो वह फंसने लगा। खुद को एक चैनल का पत्रकार बताकर पुलिस को रौब में लेने की कोशिश की।
पुलिस ने जब उसके सामने साक्ष्य प्रस्तुत किए तो गिड़गिड़ाने लगा। अरविंद ने बताया कि उसने कर्जदारों से बचने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी। उसने एविएटर गेम का प्रचार बड़े उद्योगपतियों, खिलाड़ी और अभिनेताओं को करते देखा था। बस वहीं से करोड़पति बनने का ख्वाब देखने लगा। एसीपी साइबर क्राइम सेल अभिनव कुमार के मुताबिक इंटरनेट मीडिया पर एविएटर एप का प्रचार करते कई मशहूर हस्तियां नजर आएंगी जो कुछ हजार निवेश से ही लाखों रुपये कमाने की बात करते हैं। आर्टीफीशियल इंटलीजेंस और वेबसाइट क्लोनिंग के जरिए इस तरह के प्रचार से लोगों को गेम खेलने के लिए फंसाया जा रहा है।


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